• About Us
  • Contacts
  • Login/Signup
Sunday, April 19, 2026
English
DNP EDUCATION
Advertisement
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
No Result
View All Result
DNP EDUCATION
No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
Home जनरल नॉलेज

History: दिल्ली पर राज करने वाले इस शासक को दफनाते ही अंग्रेजों ने क्यों मिटा दी उनकी कब्र?

DNP EDUCATION DESK by DNP EDUCATION DESK
May 7, 2023
in जनरल नॉलेज, लेटेस्ट न्यूज़
0
SHARES
2
VIEWS

History: मुगलों के हर बादशाह राजकुमार, नवाब यहां तक की उनके सिपेहसलार और वजीरों तक के आलीशान मकबरे हिन्दुस्तान में मौजदू हैं। मुगलों का लेकिन एक बदनसीब बादशाह ऐसा भी रहा है जिसका कोई मकबरा कहीं नहीं है। उसकी कब्र भी हिन्दोस्तान में नहीं है। उसकी कब्र का भी उसकी मौत के 182 साल बाद पता चला है। अंग्रेजों ने आखिर उस आखिरी बादाशह के साथ ऐसा क्यों किया। इतिहास पर एक नज़र डालते हैं।

Related Posts

SSC GD Constable Result 2025 कब आ सकता है ? यहां करें चेक

RBSE 10th 12th Result 2025: राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं के रिजल्ट का जल्द होगा इंतजार खत्म, परिणाम के बाद यहां देखें स्कोरकार्ड

छात्रों के लिए क्यों खास है GLA University? इंटीग्रेटेड लर्निंग के साथ प्लेसमेंट चमका सकता है भविष्य

Indian Bank Recruitment 2024: (JMG) के 300 स्थानीय अधिकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

1857 की क्रांति के नायक था

यह बात 1857 से पहले की है। हिन्दुस्तान के रजवाडे और राजा मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का प्लान बना रहे थे। उसमें अंग्रेजी फौज के कुछ सैनिक भी थे। इन सब लोगों ने इस क्रांति का नेता आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर का चुना था। क्रांति की तैयारियां हो चुकी थीं। अंदरूनी तौर पर उसके लिए सही समय का इंतजार किया जा रहा था। अंग्रेज उसके लिए सतर्क थे लेकिन उस पहले ही मेरठ की छावनी में सैनिकों ने अंग्रेजी अफसरों को मारकर क्रांति बिगुल फूंक दिया। अंग्रेज इस चौकन्ने हो गये। उन्होंने दिल्ली की तरफ आने वाली मदद को रोक दिया। नवाबों के सिपाही राजाओं के सिपाही जो दिल्ली की तरफ बढ़ते थे अंग्रेज उन्हें रास्ते में रोक लेते थे। उन्होंने दिल्ली की जमना का पार नहीं करने दिया।

इस क्रांति के विफल होने के बाद आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर को उनके पुरखों की कब्रों के पास से हुमायू के मकबरे से पकड़ा गया। उनके साथ ही उनके बेटों और रिश्तादारों को भी पकड़ लिया गया। हिन्दोस्तान के हालातों को देखते हुए उन्हें रंगून यानी काला पानी भेज दिया गया। वहां उन्हें एक घर में कैद करके रखा गया। जहां 6 नवंबर 1862 को सुबह पांच बजे लकवे का तीसरा दौरा पड़ने से उनका इंतकाल हो गया।

दो गज जमीं भी ना मिली कुए यार में

बहादुर शाह जफर एक कवि शायर और बड़े ही नर्म दिल आदमी थे। बहादुर शाह जफर ने अपने जीते जी बहुत सी गजले लिखी थीं। उनके यहां मुशायरा होता था। वह खुद भी अपना कलाम पढ़ते थे। उन्होंने एक गजल लिखी जिसका एक शेर था ” इतना बदनसीब हुआ तु जहां में ए ज़फर, दौ गज जमीं भी ना मिली कुए यार में” उनके पिता अकबर दित्तीय नर्म दिल होने की वजह से उन्हें गद्दी नहीं देना चाहते थे।

बहादुर शाह जफर के बाद पूरी तरफ अंग्रेजों ने भारत को अपने कब्जे में ले लिया था। उनकी मौत की ख़बर तक लोगों को नहीं लगी थी। उनके जनाजे में कुल 100 लोग थे वो उनके जानकार नहीं बल्कि तमाशबीन थे। ब्रिगेडियर जसबीर सिंह अपनी किताब कॉम्बैट डायरी, ऐन इलस्ट्रेटेड हिस्ट्री ऑफ़ ऑपरेशन्स कनडक्टेड बाय फोर्थ बटालियनए द कुमाऊं रेजिमेंट 1788 टू 1974 में लिखते हैं रंगून में उसी दिन शाम 4 बजे 87 साल के इस मुग़ल शासक को दफना दिया गया था। वो लिखते हैं, रंगून में जिस घर में बहादुर शाह ज़फ़र को क़ैद कर के रखा गया था उसी घर के पीछे उनकी कब्र बनाई गई और उन्हें दफनाने के बाद कब्र की ज़मीन समतल कर दी गई। इसके अलावा ब्रिटिश अधिकारी डेविस ने भी लिखा है कि जफर को दफनाते वक्त करीब 100 लोग वहां मौजूद थे। और यह वैसी ही भीड़ थी, जैसे घुड़दौड़ देखने वाली या सदर बाजार घूमने वाली। उनको दफनाने के 132 साल बाद उनकी कब्र की पहचान की जा सकी थी।

इसे भी पढ़ेंः TOP Mechanical Institutes of India:12वीं बाद मेकेनिकल इंजीनियरिंग में चाहते हैं अपना कैरियर,देखें टॉप संस्थानों की सूची

एजुकेशन की तमाम खबरों के लिए हमारे  YouTube Channel ‘DNP EDUCATION’ को अभी subscribe करें।

Related Posts

Games

Locating Safe and Reliable Slots Excluded from GamStop

by DNP Desk
April 19, 2026
0

Many UK gamblers seek alternative gaming options when standard sites become restrictive, and checking out slots not on GamStop offers...

Read more

Optimizing Muscle Building: An Investigation of the Best Steroids for Effective Bodybuilding

April 19, 2026

Kasino ilman rekisteritymist edut ja haitat pelaajille.2080

April 19, 2026

Megapari apuestas experiencia mvil y uso en dispositivos.1517

April 19, 2026

Casino non AAMS in Italia come scegliere il casin giusto.5642

April 19, 2026

Casinoer uden Spillemyndighedens licens i Danmark.2834

April 19, 2026
Next Post

Career Option: गेमिंग का है जुनून तो इस फील्ड में बना सकते हैं करियर, जानिए कोर्सेस और सैलरी पैकेज डिटेल

ADVERTISEMENT

Popular Post

Games

Locating Safe and Reliable Slots Excluded from GamStop

by DNP Desk
April 19, 2026
0

Many UK gamblers seek alternative gaming options when standard sites become restrictive, and checking out slots not on GamStop offers...

Read more

Locating Safe and Reliable Slots Excluded from GamStop

Optimizing Muscle Building: An Investigation of the Best Steroids for Effective Bodybuilding

Kasino ilman rekisteritymist edut ja haitat pelaajille.2080

Megapari apuestas experiencia mvil y uso en dispositivos.1517

Casino non AAMS in Italia come scegliere il casin giusto.5642

Casinoer uden Spillemyndighedens licens i Danmark.2834

Popular Posts

Free Coaching: जेईई और नीट की तैयारी की राह हुई आसान, उत्तराखंड के इन बच्चों को फ्री में मिलेगी कोचिंग

by Rupesh Ranjan
February 17, 2026
0

Free Coaching For JEE And NEET: उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी ख़बर है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के...

School Holidays : बिहार में शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला, इन त्योहारों पर बच्चों को नहीं मिलेगी छुट्टियां

by DNP EDUCATION DESK
February 17, 2026
0

School Holidays : बिहार सरकार में एजुकेशन डिपार्टमेंट में साल 2024 के कैलेंडर में कई सारे बदलाव हुए हैं। जिसमें...

Eklavya School: जानें क्या है एकलव्य स्कूलों की खासियत, क्यों अभिभावक इसमें बच्चों का कराते हैं एडमिशन

by DNP EDUCATION DESK
February 17, 2026
0

Eklavya School: वैसे तो हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था पहले से काफी ज्यादा बेहतर हो गई है। अब शहर–शहर और...

DNP EDUCATION - India's Best Education Hub assists aspirants in post examination guidance; admission related queries and real insights for choosing right institutes.

Learn more

Important Links

  • About Us
  • Contacts Us
  • Privacy Policy

Legal Links

  • Terms & Conditions
  • Shipping and Delivery
  • Refund and Returns Policy
  • Advertise With Us
  • RSS Feeds
  • Disclaimer

Subscribe

Subscribe to our mailing list to get latest education updates directly in your email box.

© 2023 DNP NEWS NETWORK PVT. LTD. All rights reserved. Reproduction in whole or in part without permission is prohibited.

No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
English

© 2023 DNP NEWS NETWORK PVT. LTD. All rights reserved. Reproduction in whole or in part without permission is prohibited.

Go to mobile version