इन देशों में नहीं है कोई मस्जिद, मुस्लिम आबादी भी है न के बराबर

No Mosque in these Country: इस आर्टिकल में ऐसे दोशों के बारे में बताया गया है, जहां पर कोई मस्जिद नहीं है और वहां कि मुस्लिम आबादी भी न के बराबर है। इसमें यूरोप, दक्षिण अमेरिका और अफ्रिका के कई देश शामिल हैं। तो आइए इन देशो के बारे में जानते हैं।

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वैटिकन सिटी

यूरोप महाद्वीप में बनी वैटिकन सिटी एक ऐसा देश है, जो कि पृथ्वी के सबसे छोटा देशों में आता है। यह इटली के नगर रोम के अंदर स्थित है। यहां पर ईसाई धर्म का प्रमुख संप्रदाय रोमन कैथोलिक चर्च भी यहीं पर स्थित है और यहीं से दुनियाभर के सभी कैथोलिक चर्चों का नियंत्रण किया जाता है। इस देश के राजनयिक संबंध दुनिया के सभी देशों से होने के बावजूद ना तो वेटिकन सिटी में किसी दूसरे धर्म के लोग रह सकते हैं और ना ही कोई धार्मिक स्थान बना सकते हैं।

उरुग्वे

दक्षिण अमेरिका के दक्षिणीपूर्वी हिस्से में स्थित उरुग्वे देश करीब 35 लाख की आबादी है। इस देश में 88–94% आबादी यूरोपीय लोगों और मिश्रित वर्णें के लोगों की है। उरुग्वे की राजनीति पूरी तरह धर्म से अलग है। यहां पर कई धर्मों के लोग रहते हैं, जिसमें हिंदू और मुस्लिम भी शामिल हैं। उरूग्वे में करीब 1000 के आसपास मुस्लिम रहते हैं। इस देश में तीन इस्लामिक सेंटर मौजूद हैं, लेकिन कोई मस्जिद नहीं है।

मोनैको

यूरोप महाद्वीप में एक छोटा सा देश मोनैको एक टैक्स फ्री कंट्री है। यह बेहतरीन लाइफस्टाइल और शानदार कैसिनो के लिए प्रसिद्ध है। यह दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है और यहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं, लेकिन इस देश में केवल चर्च ही मौजूद हैं और कोई दूसरे धर्मस्थल नहीं है। यहां पर मुस्लिम समुदाय के शोहरतमंद और दौलतमंद लोग भी रहते हैं।

साओ टॉम एंड प्रिंसिपी

मध्य अफ्रीका के एक बहुत छोटा गणतांत्रिक देश साओ टॉम एंड प्रिंसिपी ईसाई धर्मे के लोग बहुत हैं। यहां मुस्लिमों की आबादी 1000 से भी कम है। ना तो यहां कोई मस्जिद बनी है और ना ही यहां मुस्लिम खुले में नमाज अता कर सकते हैं।

इस्तोनिया

इस्तोनिया देश में भी मुस्लिम आबादी काफी कम है और वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक वहां 1508 मुस्लिम रहते थे। यहां मुस्लिमों की इबादत के लिए कोई मस्जिद स्थित नहीं है। हालांकि यहां एक इस्लामिक कल्चर सेंटर जरूर है और इसमें ही मुस्लिम लोग नमाज पड़ने जाते हैं।

स्लोवाकिया

कभी यूगोस्लाविया कहलाए जाने वाले देश स्लोवाकिया में 2010 में मुस्लिमों की संख्या 5000 के आसपास थी। यूगोस्लाविया खत्म होने के बाद यहां कई देशों जैसे बोस्निया और अल्बानिया से काफी सारे मुस्लिम शरणार्थी पहुंचे थे। बता दें साल 2000 में स्लोवाकिया की राजधानी में इस्लामिक सेंटर बनाने को लेकर काफी विवाद हुआ था। ब्रातिसिओवा के मेयर ने स्लोवाक इस्लामिक वक्फ फाउंडेशन के के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था। यहां पर अभी कोई मस्जिद नहीं है।

सान मैरीनो

दुनिया का पांचवें सबसे छोटे देश सान मैरीनो की कुल आबादी है 33562 है और यहां की 95 फीसदी आबादी कैथोलिक ईसाइ लोगों की है। इस देश में एक भी मुस्लिम नहीं है, तो इस कारण यहां कोई मस्जिद भी नहीं है।

भूटान

भूटान देश में मुसलमानों की कुल संख्या 5000 से 7000 के करीब है। यहां पर कोई मस्जिद नहीं है और इस देश की सरकार यहां इसकी अनुमति भी नहीं देती है। ऐसे ही ईसाई धर्म के लोग भी यहां काफी समय से रह रहे हैं लेकिन लेकिन इन्हें भी भूटान सरकार ने चर्च बनाने की अनुमति नहीं देती है।

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