• About Us
  • Contacts
  • Login/Signup
Thursday, April 16, 2026
English
DNP EDUCATION
Advertisement
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
No Result
View All Result
DNP EDUCATION
No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
Home जनरल नॉलेज

सिंधु घाटी सभ्यता के आबाद होने से लेकर बर्बाद होने तक की पूरी कहानी?

DNP EDUCATION DESK by DNP EDUCATION DESK
May 1, 2023
in जनरल नॉलेज, लेटेस्ट न्यूज़
0
SHARES
5
VIEWS
Indus Valley Civilization: अगर मैं कहूं कि एक सिक्के जमा करने वाले आदमी ने अपने इसी शोक के चलते पांच हजार पुरानी सिंधु सभ्यता को कोज निकाला, तो आपको यकीन आयेगा? लेकिन यह सच है। उस आदमी का नाम लुइस मेसन था। जो ब्रिटिश फौज में एक सिपाही था। इस काम में लेकिन उसका मन नहीं था। उसे एक अजीब सा शोक था। वह पुराने सिक्के खोज-कोज कर जमा किया करता था। इसी धुन में शहर दर शहर भटकता रहता था। इसी अजीब शोक के चलते उसने 1827 में नौकरी छोड़ दी। वह पुराने शिक्कों की तलाश में साल 1829 में मोंटगॉमरी जा पहुंचा। जो अब पाकिस्तान के पंजाब का सहवाल जिला है।

यहां मेशन पुराने खंड़हरों में जब सिक्के खोज रहा था तो उसे एक ऐसे पुराने शहर के अवशेष दिखाई दिये जिसके बारे में कोई कुछ नहीं जानता था। उसके बारे में स्थानीय लोगों ने भी कभी कुछ नहीं सुना था। मेसन खोज तो कुछ नहीं कर पाये लेकिन जितना वो उस जगह के बारे में समझ सके। उसे उन्होंने एक किताब में दर्ज कर दिया। यही किताब आगे चलकर सिंधु सभ्यता की खोझ के लिए पहली सीढ़ी बनी।

आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया

भारत की बागडोर ब्रिटिश साशन ने जब अपने हाथों में ली तो उन्होंने बहुत से संस्थान बनाने शुरू किए। सन 1861 में ब्रिटिश सरकार ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ASI की शुरूवात की थी। इसके पहले डायरेक्टर के तौर पर एलेग्जेंडर कनिंघम को चुना गया। कनिंघम भी मेसन की तरह वैसे तो फौजी थे लेकिन आर्कयोलॉजी में उनकी रूचि भी जुनूनी थी।

कनिंघम ने मेसन की किताब पढ़ी तो हड़प्पा के बारे मे जानने के लिए निकल पड़ा। वहां जाकर उन्होंने खोज की तो वो उस नतीजे पर पहुंचे की यह सील भारत के बाहर से भारत में लायी गई थी। हडप्पा में मिले अवशेष उन्होंने एक हजार साल पुराने माने। साल 1904 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के नये डायरेक्टर जॉन मार्शल ने दया राम साहनी को हड़प्पा और मोहनजोदड़ों की खुदाई काम काम सोंप दिया। उसमें कुछ दिनों बाद उन्होंने हड़प्पा और मोहन जोदड़ों को एक सभ्यता माना।

कितनी पुरानी है सिंधु सभ्यता

सिंधु घाटी सभ्यता का इलाका मेहरगढ़ बलोचिस्तान माना जाता है। इतिहास कारों के मुताबिक इसका समय 7000 से 5500 ईसा पूर्व माना जाता है। इसमें जो चीजे मिली उसे नवपाषाण काल की माना जाता है। नव पाषाण मतलब वो समय जब इंनसान ने खेती करना शुरू कर दिया था। इस काल में छोटी-छोटी बस्तियों की शुरूवात हुई थी। करीब 3300 साल पहले लोग पहाड़ी इलाकों से मैदानों की तरफ आये। करीब 2600 ईसा पूर्व नगरों की शुरूवात हुई। इसी समय में लोगों ने कोठी बनाकर अनाज को जमा करने का काम शुरू किया। 2600 ईसा पूर्व से लेकर 1900 ईसा पूर्व को सिंधु घाटी सभय्ता का सुनहरा काल कहा गया है। सिंधु घाटी सभ्यता में लगभग 50 लांख लोग रहते थे। इनका इलाका 10 लांख वर्ग किलोमीटर में फैला था।

लोग क्या काम करते होंगे?

इस दौरान अनाज के अलावा अदरक, हल्दी, जीरा, लहसुन ये सब भी पैदा किया जाता था. इसके अलावा बर्तन बनाने का काम भी मुख्य रूप से किया जाता था. इस दौरान लोग ऊंट, भैंस, बकरी, कुत्ता बिल्ली पालते थे. और इस पशुधन का ट्रेड भी होता था. ट्रेड के लिए नदियों के अलावा समुंद्री रास्तों का भी उपयोग होता था सिंधु घाटी की खुदाई में आर्कियोलॉजिस्ट्स को हजारों सील मिली हैं. इन सील्स पर एक जानवर का चित्र और ऊपर कुछ निशान लिखे हैं। जिससे पता चलता है कि सिंधु घाटी सभ्यता में एक विशेष लिपि का उपयोग होता था. लेकिन इस लिपि का मतलब क्या है, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है. सिंधु घाटी सभ्यता में उपयोग होने वाली भाषा को डीकोड क्यों नहीं किया जा सका। 

कैसे ख़त्म हुई इतनी पुरानी सभ्यता?

इतिहासकारों की माने तो सिंधु घाटी सभ्यता 700 साल तक फली फूली। ऐसा माना जाता है कि 1900 से सिंधु घाटी सभ्यता का पतना होना शुरू हुआ। इस सभ्यता के कुल 1300 साल में सारे के सारे निशान ख़त्म हो गये। हालांकि यह सभय्ता क्यों ख़त्म हुई इसको लेकर अलग अलग थ्योरी हैं। किसी भी थ्योरी का आधार पर सच होने का दावा नहीं किया जा सकता है।

एक थ्योरी कहती है कि क्लाइमेट चेंज होने से नदियों का पानी कम हुआ। मानसून में कमी के चलते घग्गर-हाकरा नदी सूखने लगी होंगी। उपज कम हुई होगी। खाना पीना कम मिला होगा। आपस में कलह बढ़ी होगी। बिमारियां बढ़ी होंगी। इस सभ्यता के लोगों ने इस जगहको छोड़कर दूसरी जगह जाना मुनासिब समझा होगा। इस सभ्यता के लोग स्थान दूसरे स्थान पर चले गये होंगे।

दूसरी थ्योरी थोड़ी सी साइंटिफिक है। अब से करीब 2200 ईसा पूर्व धोलीवीरा में एक बड़े भूकंप के सुबूत मिलते हैं। इस वजह से ऐसा माना जाता है कि इन भूकंपों के चलते इस इलाके को छोड़ दिया होगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि सिंधू सभ्यता एकदम से खत्म नहीं हुई होगी। इस सभय्ता से धीरे-धीरे लोग निकलना शुरू हुए होंगे। धीरे-धीरे लोग दूसरे शुरक्षित स्थानों पर जाकर बस गये होंगे। इस तरह यह पूरा इलाका खाली हो गया। 1300 ईसा पूर्व सिंधु सभ्यता पूरी तरह से खाली यानी ख़त्म हो गई होगी।

अब तक क्या क्या मिला?

सिंधु घाटी सभ्यता में जो भी कुछ मिला साबुत नहीं मिला है। उसकी कम से कम 1000 हाजर ज्यादा साइट खोदी जा चुकी हैं। इस सभ्यता में कुछ ईंटें, मिट्टी से बने बर्तन, एक नाचती स्त्री की मूर्ति, कांसे के बर्तन, सोने का एक हार जिस पर भारत पाकिस्तान के बंटवारे के समय पेंच फंसा था। इसके अलावा कुछ जानवरों के चित्र, खाने की चीजों के चित्र मिलें हैं, जिसके आधार पर माना जाता है कि इस सभ्यता में लोग खेती करने लगे थे।
सिंधु सभ्यता में मिले अवशेष

राजामोली बनाने चाहते थे फ़िल्म?

राजामोली की फ़िल्में देखकर महिंद्रा के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने राजामोली से सिंधु घाटी सभ्यता पर एक फ़िल्म बनाने का आग्रह किया। राजमोली इस फ़िल्म को बनाने के लिए खोज भी करने लगे। सिंधु घाटी सभ्यता का इलाका क्योंकि पाकिस्तान में आता है तो पाकिस्तान की अनुमति उन्हें नहीं मिली।

Related Posts

SSC GD Constable Result 2025 कब आ सकता है ? यहां करें चेक

RBSE 10th 12th Result 2025: राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं के रिजल्ट का जल्द होगा इंतजार खत्म, परिणाम के बाद यहां देखें स्कोरकार्ड

छात्रों के लिए क्यों खास है GLA University? इंटीग्रेटेड लर्निंग के साथ प्लेसमेंट चमका सकता है भविष्य

Indian Bank Recruitment 2024: (JMG) के 300 स्थानीय अधिकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

यह भी पढे़ : CAREER TIPS : 12 वीं के बाद किस फील्ड में करियर को बढ़ाए आगे, यहाँ मिलेगा हर सवाल का जवाब

एजुकेशन की तमाम खबरों के लिए हमारे  YouTube Channel ‘DNP EDUCATION’ को अभी subscribe करें।

Related Posts

Sport

22bet Casino German Smartphone 2026 Jetzt Spielen

by DNP Desk
April 16, 2026
0

22bet Casino German Smartphone 2026 Jetzt Spielen für maximale GewinneSchließen Sie sofort Ihr Konto und aktivieren Sie den Premium-Zugang, bevor...

Read more

Lemon Casino – szczegowa recenzja Lemon Kasyno.790

April 16, 2026

Официальный сайт Pinco Casino играть онлайн – Вход Зеркало.4916

April 16, 2026

Découverte de Primobolan Methenolone Oraux pour la Performance Sportive

April 16, 2026

Objevte nejznámější kasina na světě a jejich tajemství

April 16, 2026

Médicaments Combinés pour l’Asthme en Milieu Sportif

April 16, 2026
Next Post

Behavioral Interview में STAR मेथड के तहत ऐसे दें सवालों के जवाब, मिलेगी अच्छी जॉब

ADVERTISEMENT

Popular Post

Sport

22bet Casino German Smartphone 2026 Jetzt Spielen

by DNP Desk
April 16, 2026
0

22bet Casino German Smartphone 2026 Jetzt Spielen für maximale GewinneSchließen Sie sofort Ihr Konto und aktivieren Sie den Premium-Zugang, bevor...

Read more

22bet Casino German Smartphone 2026 Jetzt Spielen

Lemon Casino – szczegowa recenzja Lemon Kasyno.790

Официальный сайт Pinco Casino играть онлайн – Вход Зеркало.4916

Découverte de Primobolan Methenolone Oraux pour la Performance Sportive

Objevte nejznámější kasina na světě a jejich tajemství

Médicaments Combinés pour l’Asthme en Milieu Sportif

Popular Posts

Free Coaching: जेईई और नीट की तैयारी की राह हुई आसान, उत्तराखंड के इन बच्चों को फ्री में मिलेगी कोचिंग

by Rupesh Ranjan
February 17, 2026
0

Free Coaching For JEE And NEET: उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी ख़बर है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों के...

School Holidays : बिहार में शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला, इन त्योहारों पर बच्चों को नहीं मिलेगी छुट्टियां

by DNP EDUCATION DESK
February 17, 2026
0

School Holidays : बिहार सरकार में एजुकेशन डिपार्टमेंट में साल 2024 के कैलेंडर में कई सारे बदलाव हुए हैं। जिसमें...

Eklavya School: जानें क्या है एकलव्य स्कूलों की खासियत, क्यों अभिभावक इसमें बच्चों का कराते हैं एडमिशन

by DNP EDUCATION DESK
February 17, 2026
0

Eklavya School: वैसे तो हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था पहले से काफी ज्यादा बेहतर हो गई है। अब शहर–शहर और...

DNP EDUCATION - India's Best Education Hub assists aspirants in post examination guidance; admission related queries and real insights for choosing right institutes.

Learn more

Important Links

  • About Us
  • Contacts Us
  • Privacy Policy

Legal Links

  • Terms & Conditions
  • Shipping and Delivery
  • Refund and Returns Policy
  • Advertise With Us
  • RSS Feeds
  • Disclaimer

Subscribe

Subscribe to our mailing list to get latest education updates directly in your email box.

© 2023 DNP NEWS NETWORK PVT. LTD. All rights reserved. Reproduction in whole or in part without permission is prohibited.

No Result
View All Result
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • रिज़ल्ट
  • एग्जाम
  • वीडियो
  • लाइव वीडियो
  • यूनिवर्सिटी
  • करियर
  • स्कूल
  • कॉलेज
  • कोचिंग
  • वेब स्टोरी
  • व्हाट्स रॉन्ग
  • लॉगिन/रेजिस्टर
English

© 2023 DNP NEWS NETWORK PVT. LTD. All rights reserved. Reproduction in whole or in part without permission is prohibited.

Go to mobile version